दुनिया की सबसे कम समय में लिखी गई पुस्तक

अप्रैल 20, 2016 0 Comments A+ a-



विश्व की  सबसे कम समय में लिखी गई पुस्तक

• लेखक राजकुमार चन्दन

• पुस्तक ‘मनुष्य जीवन और कुंभ’ का तत्काल लेखन व प्रकाशन

• 22 घंटे 44 मिनट में पुस्तक का तत्काल विषय पर लेखन, प्रकाशन, विमोचन व वितरण

• 20 अप्रैल 2016, इंदौर म.प्र.

• यूनिक वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज


सार्वजनिक मंच पर तत्काल लिखी गई पुस्तक

श्री राजकुमार चन्दन द्वारा रचित ‘मनुष्य जीवन और कुंभ’ विश्व की सबसे कम समय में तैयार होने वाली पुस्तक है। इस पुस्तक का लेखन और प्रकाशन लिखने से लेकर बिकने तक की समूहगत यात्रा मात्र 22 घंटे 44 मिनट की है। वह भी तत्काल विषय पर भीड़ भरे सार्वजनिक स्थल पर लेखक ने इस पुस्तक का लेखन किया। 

म.प्र. इंदौर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह में 19-20 अप्रैल 2016 को यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था, जिसमें कई विशिष्ट साहित्यकार, पत्रकार एवं विभूतियाँ उपस्थित रही थी। रिकॉर्ड बुक के नियमानुसार लेखक को उसी दिन के प्रमुख समाचार पत्र के मुखपत्र की प्रमुख खबर की हेडिंग पर पुस्तक लिखना था। अतः उस दिन प्रमुख 27 समाचार पत्र बुलाये गए, किन्तु इनके मुखपृष्ठ पर अलग-अलग समाचार थे। इसीलिए रिकाॅर्ड बुक ने उपस्थित पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाकर विषय चुनकर घोषणा करने का निर्देश दिया। उस दिन के समाचार पत्रों के मुखपृष्ठ पर सर्वाधिक खबर कुम्भ की थी। अतः समिति ने लेखक को “मनुष्य जीवन और कुंभ” विषय प्रदान करने की घोषणा की। सम्पूर्ण कार्य 22 घंटे 44 मिनट में सम्पन्न हुआ। इस बीच पुस्तक के चित्र भी तैयार हुए।

लेखक के साथ प्रकाशन हेतु पाँच कम्प्यूटर्स की टीम थी। जैसे ही एक पेज का लेखन होता, वह कम्प्यूटर पर तत्काल टाइप होकर दूसरे कम्प्यूटर से प्रूफ रीडिंग, तीसरे पर सेटिंग, चौथे पर फायनल डिज़ाइन और पाँचवें कम्प्यूटर से पेज प्रेस में भेज दिया जाता। प्रेस में लगभग 12 कारीगरों की टीम प्रिंट के लिए तैयार थी। आठ पेज जैसे ही तैयार होते प्लेट बनती और प्रिंट होती जाती थी। लेखक ने इस पुस्तक को मात्र रिकॉर्ड की दृष्टि से नहीं लिखा है, अपितु मनुष्य जाति और कुम्भ की महत्ता को हर दृष्टिकोण से सिद्ध भी किया है। यह कुंभ विषय पर धार्मिक, वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक विश्लेषण की महत्वपूर्ण कृति है। इस पुस्तक में मनुष्य के लिए तीर्थ और कुम्भ की महत्ता, समुद्रमंथन का रहस्य तथा काल योग का महत्व दर्शाया गया है। यह एक समूहगत रिकॉर्ड था, जिसमें लगभग 36 विशिष्ट एक्सपर्ट‌्स की भागीदारी थी। विशिष्टजनों में लेखक, टाइपराइटर, सम्पादक, प्रूफ रीडर, डिज़ाइनर, चित्रकार, ऑपरेटर, प्रिंटर, बाइंडर, सहयोगी के साथ ही पत्रकार एवं दर्शक भी सम्मिलित थे।