Books लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Books लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

The Art of Water Rangoli

 

|  Book Introduction


Shri Rajkumar Chandan is a renowned ‘Kalaguru’ who has revived the art of water rangoli and made significant contributions to the field of art. He has showcased this astonishing art across the country. Many budding artists have shown interest in this unique form. To guide them, Shri Chandan has compiled the book “The Art of Water Rangoli.” 

This book explains every aspect of water rangoli in detail. Through it, artists can easily learn to create water rangoli. It will prove to be a valuable resource for those working in the fields of painting and rangoli.


Jal Rangoli Banana Seekhen

 

|  पुस्तक परिचय 


श्री राजकुमार चन्दन ख्यातिलब्ध ‘कलागुरु’ हैं, जिन्होंने जल रंगोली को पुनर्जीवित कर कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने देश भर में इस अचंभित कर देने वाली कला का प्रदर्शन किया। इस कला के प्रति कई नवोदित कलाकारों का रुझान रहा है। उनके मार्गदर्शन के लिए ही श्री चन्दन ने पुस्तक ‘जल रंगोली बनाना सीखें’ की आयोजना की। इस पुस्तक में जल रंगोली बनाने की कला के हर पहलू को विस्तार से समझाया गया है। इसके माध्यम से कलाकार जल रंगोली को आसानी से बनाना सीख सकते हैं। चित्रकला और रंगोली के लिए कार्य करने वालों के लिए यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी।


I'm The Time / मैं समय हूं

महत्वपूर्ण उपन्यास

मैं समय हूँ... 






मैं समय हूँ... उपन्यास का संक्षिप्त कथानक

यूक्रेन में कई देशों के विद्यार्थी पढ़ते हैं, उनमें भारतीय विद्यार्थी भी हैं। हिमानी नाम की एक भारतीय छात्रा है,जो इस उपन्यास की नायिका है।

यूक्रेन रूस के बीच युद्ध प्रारम्भ हो जाता है। सभी स्टूडेंट्स यूक्रेन छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं,लेकिन स्टूडेंट्स की परेशानी देखकर हिमानी वहाँ से नहीं जाती है। खूब सोच विचार के बाद यह संकल्प लेती है,कि यूक्रेन में रहकर ही वह पीड़ितों का ईलाज करेगी। चाहे पीड़ित रशिया का हो या यूक्रेन का।साथ ही वह विश्व शान्ति का अभियान चलाएगी।

हिमानी का यह संकल्प अन्य स्टूडेंट्स को प्रेरित करता है,अतः कई और देशों के स्टूडेंट्स भी वहीं रुककर उसके अभियान की में मदद करते हैं। सभी स्टूडेट्स हिमानी के नेतृत्व में "वर्ल्ड पीस फोरम" का गठन कर "नो वार" का अभियान चलाते हैं। स्टूडेंट्स खतरों के बीच रहकर घायलों का ईलाज करते हैं। वैश्विक सद्भावना एवं मानवता के लिए काम करते हैं। स्टूडेंट्स युद्ध,अशान्ति और उन्माद के कारणों को ढूँढकर उनके समाधान की खोजकर उन्हें प्रचारित करते हैं। उनका अभियान बहुत तेजी से आगे बढ़कर विस्तार लेता है।

जंग में युद्ध पीड़ितों की मदद के बीच ,अंत में हिमानी.. एक यूक्रेनियन बच्चा और रशियन महिला को बचाने में गोलियों का शिकार होकर घायल हो जाती है। ऐसी स्थिति में दोनों देशों के छुपे हुए सैनिक उसके पास आ जाते हैं, वह उन सैनिकों को नो वार का सन्देश देते हुए अपने प्राण त्याग देती है। भावुक होकर दोनों के सैनिक अपने हथियार डाल देते हैं। यथार्थ और कल्पना मिश्रित यह उपन्यास के माध्यम से वर्तमान वैश्विक ढाँचे में सुधार के विकल्प और विश्व शान्ति के उपायों को  वैश्विक पटल पर रखने का प्रयास किया गया है।


मैं समय हूँ उपन्यास की विशेषताएँ...

1- इस उपन्यास माध्यम वैश्विक प्रेम शान्ति,और सद्भावना के गौरवमयी आदर्श को विश्व पटल पर रखा गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बहाने मानवता की रक्षा के लिए वैश्विक संतुलन बनाने प्रयास किया गया है।

2- "मैं समय हूँ", ईगो की अन्धी दौड़ के प्रति मनुष्य का विवेक जगाने का कार्य करता है।

3- समय को माध्यम बनाकर विश्व को अतीत से सीख, वर्तमान में सुधार और भविष्य के खतरों के प्रति यह उपन्यास आगाह करता है।

4-"मैं समय हूँ" युद्ध होने के बुनियादी कारण एवं उन्हें रोकने के वैकल्पिक समाधान प्रस्तुत करता है।

5- यह उपन्यास वैश्विक खतरे, उसकी कमियाँ और व्यवस्था में सुधार के विकल्प प्रस्तुत करता है।

6-  इस उपन्यास में सीमा समस्याओं के वैकल्पिक समाधान भी प्रस्तुत किये गए हैं।

7-यह उपन्यास जीवनदर्शन एवं मानवीय मूल्यों की सुरक्षा के आधार पर वसुधैव कुटुंबकम् का मार्ग प्रशस्त करता है।

8- विभिन्न देशों के स्टूडेट्स में निश्छल प्रेम एवं मित्रता की मर्म स्पर्श कहानी है,जो वसुधैव कुटुम्बकम का सन्देश देती है।

9-इस उपन्यास में कई घटनाएँ अत्यंत मार्मिक हैं,जो हृदय को वैश्विक शान्ति के लिए झकझोरती हैं।

10- अंत में, नायिका हिमानी रूस और यूक्रेन के लोगों की रक्षा करते हुए शहीद हो जाती है।



मैं समय हूॅं यहां पढ़ें 

⏩ Click Here


मैं समय हूॅं का अंग्रेजी संस्करण 'I'm The Time' यहां पढ़ें

⏩ Click Here


मैं समय हूॅं का मराठी संस्करण  'मी वेळ आहे' यहां पढ़ें 

⏩ Click Here




Manshya Jeevan Aur Kumbh





मनुष्य जीवन और कुम्भ

प्रकाशक-प्रेस क्लब देवास। सन- 2016 


"मनुष्य जीवन और कुम्भ" विश्व की सबसे कम समय तैयार होने वाली पुस्तक है। इस पुस्तक का लेखन और प्रकाशन लिखने से लेकर बिकने तक की समूहगत यात्रा मात्र 22 घंटे 44 मिनट की है। वह भी तत्काल विषय पर भीड़ भरे सार्वजनिक स्थल पर लेखक ने यह पुस्तक लिखकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। म.प्र.इंदौर के प्रीतमलाल दुआ सभा गृह में दिनांक 19-20 अप्रेल 2016 को यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था। केवल लेखन लगभग 17 घण्टे.पैंतीस मिनट में पूर्ण हुआ। चित्र, प्रिंटिंग, बाइंडिंग तथा विमोचन, वितरण, दो पुस्तकों की बिक्री सहित 22.44 मिनट में सम्पूर्ण कार्य पूरा हो चुका था। इस पुस्तक पर डॉ.ममता झाला द्वारा शोध पत्र प्रकाशित किया गया था।

इसे आप यहां पढ़ सकते हैं



Main Samay Hoon




यहां पेज पलटें  ⤵



I'm The Time


·       What is in the novel?

(an initiative to Stop the War)

Students from many countries study in Ukraine along with Indian students. There is a brilliant student named Himani, who hails from Madhya Pradesh, India. She is in his last year of medical studies. She is also the representative of Indian students.

War begins between Ukraine and Russia. All the students are forced to leave Ukraine. Himani does not leave Ukraine. After much deliberation, she resolves to stay here and treat the victims, whether the victims are from Russia or Ukraine.

This determination of Himani inspires other students, hence many other students also stay there and help her. Under the leadership of Himani all the students establish the “World Peace Forum” and run a campaign of "No War". Students treat the injured while facing danger. Also Works for global goodwill and humanity.

Students find out the causes of war, unrest and madness and search for their solutions. Their campaign progresses very rapidly.

In the midst of a face-to-face battle, Himani finally gets injured by bullets while saving a Ukrainian child and a Russian woman… Now what happens next, you can read all this in detail in the novel.

Through this experimental novel, solutions for world peace and ways to enhance the existing global structure have been discovered.

·       Important points of the novel...


1. It is a heart touching story of pure love and friendship between students from different countries.

2. By using time as a tool to better the present, warn about impending risks, and learn from the past.

3. Human culture, consciousness and its glorious ideals have been brought to the world stage.

4. By focusing on human lifestyle, an attempt has been made to awaken human’s conscience towards         the blind race of war.

5. Ways to stop war have been discovered and its ideal form has been presented.

6. The youth have been made aware of the danger of war and its global challenges.

7. Alternative solutions to border problems have also been put on the table.

8. The purpose of this novel is to discover humanity and global balance under the pretext of Russia-            Ukraine war.

9. Vasudhaiva Kutumbakam's route has been laid out in accordance with a life philosophy and a                 commitment to upholding human values.

10. This novel presents the global threat, its shortcomings and Alternate for improving the system.

11. Along with this, it also warns the global powers.

12. At the end, the lead character called Himani gets died by protecting the people of Russia and                Ukraine.





Me Wed Aahe






Lado! Bahak Na Jana

 

पुस्तक परिचय


किशोरावस्था में राह से भटकने की सम्भावना बढ़ जाती है। प्रलोभन चुम्बक की भाँति उन्हें इतनी शक्ति से अपनी ओर खींचता है कि, माता-पिता की सीख भी कमजोर पड़ जाती है। फिर माता-पिता एक ही सीख को कई-कई बार दोहराते हैं इससे बच्चों पर उसका असर नहीं पड़ता है। लाडो! बहक न जाना, कच्ची उम्र के लड़के/लड़कियों को बचाकर उनके भविष्य का मार्गदर्शन करती है। समाज में फैल रही विकृत मानसिकता को रोकने और यौन अपराधों से बचने के पुस्तक में आसान तरीके सुझाए गए हैं। विशेषकर लड़कों की अपेक्षा लड़कियाँ अधिक असुरक्षित होती हैं अतः पुस्तक में बेटियों को अनजाने संकट से बचाने और अपने भावी जीवन को संवारने का लेखक ने अनूठा प्रयास किया है। पुस्तक को एक एक अध्याय के माध्यम से समझाया गया है। 

जैसे- 1- जवानी दीवानी होती है, 2- बर्बादी का रास्ता, भागकर शादी करना, 3- प्रलोभन से सावधान, 4- झूठे प्यार से बचें 5- चकाचौंध और वासनात्मक वातावरण, 6- सपनों की उम्र। 7- बाज़ार संस्कृति का झूठा प्रेम, 8- सुन्दरता का मायाजाल, 9- कामांधता एक मानसिक रोग 10- माता-पिता स्वर्ग की सीढ़ी, 11-प्रेम की शक्ति का रहस्य आदि ऐसे लगभग सत्ताईस अध्यायों में विस्तार पूर्वक समझाया गया है, जो किशोरों के भ्रम को तोड़कर वास्तविक जीवन का परिचय कराता है। पुस्तक की भाषा-शैली किशोर उम्र के अनुकूल रखी गयी है, जिससे पढ़ने में उनकी रुचि बढ़े, और वे अधिक से अधिक पुस्तक का लाभ ले सकें। झूठे प्रेमजाल और दुष्कर्म से बचने के पुस्तक में कई ठोस उपाय सुझाये गए हैं। किशोर/युवा बेटियों को भ्रम जाल से सचेत कर, यह पुस्तक उनकी मानसिक चेतना को ऊँचे से ऊँचा उठाने का प्रयास करती है। उन्हें आत्मविश्वास पूर्वक जीने की सुरक्षित राह प्रदान करती है। लाडो! बहक न जाना... कच्ची उम्र की लड़कियों के लिए उनकी सच्ची सहेली और मार्गदर्शक है। यह पुस्तक नकारात्मक विचारों के प्रकोप से बचाती है और सकारात्मक विचारों का निर्माण कर जीवन को रूपान्तरित करती है।



Seep Ke Moti


पुस्तक परिचय 


“सीप के मोती” एक उत्कृष्ट और मूल्यवान कृति है। साहित्यिक दृष्टि से यह काव्य संग्रह बड़ा महत्वपूर्ण है। प्रकृति के अनुरूप जीवन दर्शन के गूढ़तम विषय इस कृति में विद्यमान है। यह कृति शिल्प का अनुपम उदारहण है। इसकी हर पँक्ति अलंकारों से सराबोर है, जो काव्य को विलक्षण सौन्दर्य प्रदान करती है। काव्य में भाव एवं शिल्प का सामंजस्य अनूठा है। “सीप के मोती” तीन भागों में विभक्त है। पहले भाग में उच्च साहित्यिक भाषा शैली का उपयोग किया गया है। दूसरे भाग में दोहे हैं, जिसमें मध्यम श्रेणी की भाषा और तीसरे भाग में अत्यंत सरल भाषा शैली का उपयोग किया किया है। अर्थात पाठक अपनी रुचि के अनुसार इसके काव्य का रसास्वादन कर सकता है। “सीप के मोती” में यथार्थ अनुभवों के मुक्तक और दोहे हैं, जो जीवन को प्रेरित करते हैं।



Chandan Ke Moti

 

चन्दन के मोती राजकुमार चन्दन द्वारा लिखे गए नवीन सुविचारों की एक सुन्दर पुस्तक है, इसमें आध्यात्मिक, वैज्ञानिक आधार पर यथार्थ जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण सुविचार हैं। यह कोटेशन्स हिन्दी एवं इंग्लिश दोनों में साथ-साथ प्रकशित हैं। अतः यह कोटेशन्स युवा पीढ़ी के लिए बड़े उपयोगी हैं।


Vishv Ki Sabse Lambi Gazal





विश्व की सबसे लम्बी ग़ज़ल 

प्रकाशित भाग : तीन 


दस हजार अश्आर (शेरों) की विश्व की सबसे लम्बी ग़ज़ल

(वर्ल्ड रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड‌्स)

ग़ज़ल की विशेषता :- बहर - बेहरे मुतदकरीब। काफ़िया अलीफ़

कुल ग़ज़ल 1, कुल अश्आर 10000, कुल मतले 300, कुल मक्ते 400, कुल मिसरे 20000, कुल नुक़्ते 60000, लफ्ज 12000 और  यदि पुस्तक के रूप में प्रकाशित की जाए तो लगभग 10 पुस्तकें। बहर और रदीफ-काफिये पर कई शाइरों ने ग़ज़लें लिखी हैं जैसे मिर्ज़ा ग़ालिब, मीर अनीस, दाग़ देहलवी, मोमिन और कई अन्य। यह बहर और रदीफ-काफिया उर्दू शायरी में बहुत प्रसिद्ध है। इस पर मिर्ज़ा ग़ालिब की प्रसिद्ध ग़ज़ल है-दिले नादां तुझे हुआ क्या है। और भी कई शायरों ने इसका उपयोग करके सुंदर और भावपूर्ण ग़ज़लें लिखी हैं।


Chunautiyon ka Safar



 पुस्तक परिचय 

वन्दे मातरम राष्ट्रभक्ति तथा मातृभूमि की वन्दना का काव्य संकलन है। मातृ भूमि का भावात्मक, सरस् वन्दन, आर्चन गीतों के माध्यम से किया गया है। वहीं देशभक्ति के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावभक्ति काव्य में पिरोया गया है।

 इसमें गीतों के साथ साथ हिन्दी ग़ज़लों के माध्यम से भी देश महिमा का बखान किया गया है। कुल मिलाकर वन्दे मातरम देशभक्ति से सराबोर एक श्रेष्ठ काव्य संकलन है। प्रत्येक गीत के साथ व्याख्या भी की गई है, जिससे संकलन और भी भावपूर्ण बन पड़ा है।


Vande Matram



 पुस्तक परिचय 


वन्दे मातरम राष्ट्रभक्ति तथा मातृभूमि की वन्दना का काव्य संकलन है। मातृ भूमि का भावात्मक, सरस् वन्दन, आर्चन गीतों के माध्यम से किया गया है। वहीं देशभक्ति के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावभक्ति काव्य में पिरोया गया है।

 इसमें गीतों के साथ साथ हिन्दी ग़ज़लों के माध्यम से भी देश महिमा का बखान किया गया है। कुल मिलाकर वन्दे मातरम देशभक्ति से सराबोर एक श्रेष्ठ काव्य संकलन है। प्रत्येक गीत के साथ व्याख्या भी की गई है, जिससे संकलन और भी भावपूर्ण बन पड़ा है।


Discovery of Heaven

 

In the book

• The solution of the border problems.

• The solution to the problem of wars and nuclear problems.

• The easiest way to achieve world peace through ‘Vasudhaiv Kutumbkum’.

• The story of evolution of man from Hominids to Homo sapiens.

• An amazing initiative to save the present human civilization from devastation. Where do man stand in the universe? What he is and why he is? The natural philosophy of such abstruse secrets.

• The discovery of happiness, prosperity and peace of every person of the world.



Swarg Ki Khoj



 पुस्तक परिचय 


स्वर्ग की खोज पुस्तक, एक यात्रा है जो विश्व को एक परिवार बनाने का संकल्प लेकर निकलती है। यद्यपि यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण मार्ग है, किन्तु संकल्प की दृढ़ता चुनौतियों से अधिक महत्वपूर्ण होती है। 

स्वर्ग की खोज का इंग्लिश एडिशन Discovery of Heaven के नाम से प्रकाशित है। यह परम्परागत पुस्तकों से हटकर एक नयी राह बनाती है। इसे मानव सभ्यता की जीवन शैली का ग्रंथ भी कहा जा सकता है। इसमें पिछले पाँच लाख वर्षों से वर्तमान समय तक मानव सभ्यता की झलक दिखाई पड़ती है, जो होमोनिड्स मानव से लेकर होमो सेम्पियन्स के ग्रियोनाल्डि मेन तक की खूबी और कमियों का संक्षिप्त विश्लेषण करती है। पूरा विश्व, आतंक, युद्ध, प्रतिद्वंद्विता, अहंकार, हथियारों की होड़, नफ़रत की आग जैसे कई महारोगों से ग्रस्त है। अब तो यह रोग पागलपन की हद तक पहुँच चुका है। इसके साथ ही प्रकृति के तंत्र को तोड़ने का अभिशाप मनुष्य के सर पर मौत बनकर मंडरा रहा है। तृतीय विश्वयुद्ध घात लगाए बैठा है। परमाणु बमों का जखीरा पूरी मनुष्य जाति निगलने को तैयार है। 

ऐसे में यह पुस्तक आशा की किरण बनकर हमारे सामने आती है, जो विश्व को एक नयी राह का विकल्प देती है। वैसे तो अतीत में मनुष्य चार चार बड़े हिमयुगों के संकटों का सामना कर चुका है, किन्तु आने वाले महासंकट उससे कहीं अधिक भयावह दिखाई पड़ते हैं।

क्या विश्व में ऐसा कोई नहीं जो इन महासंकटों से मनुष्य को मुक्त करा सके?  यदि नहीं, तो मनुष्य जाति का अन्त करीब है। यदि हाँ तो, प्रयास आवश्यक है। आने वाले इन महासंकटों से बचने के लिए प्रत्येक मनुष्य का धर्म है, कि वह इस दिशा में चिन्तन कर उपचार ढूँढने का प्रयास करे। क्योंकि आपकी सोच भी विश्व को विनाश से बचाने में महती भूमिका अदा कर सकती है। सावधानी और सुरक्षा ही ऐसे अंजान संकटों के सुरक्षा कवच हो सकते हैं। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को मूर्त रूप देने का यही उचित समय है। पुस्तक की खास बात यह है कि, यह संकटों से हमें सावधान तो करती ही है, साथ ही उनसे बचने के उपाय भी सुझाती है। यह पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के हितों का प्रतिनिधित्व कर उन्हें जगाने का कार्य करती है। यह पुस्तक वैज्ञानिकों, महाशक्तियों, नेताओं, अतिविशिष्ट गणमान्यों को भविष्य के महासंकटों के प्रति आगाह कर विश्व शांति की दिशा में चिंतन के लिए विवश भी करती है। 

वर्तमान में विश्व के देश प्रतिस्पर्धा, अहंकार व भय के धरातल पर खड़े हैं। वे जिन परिस्थितियों से घिरे हैं, उसमें सद्भाव और शान्ति सम्भवतः प्रतीत नहीं होती। ऐसी परिस्थितियों में भी संयम और समझ के सूत्रों से यह पुस्तक ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ व विश्वशांति का मार्ग प्रशस्त करती है।


विश्व शांति की प्रसिद्ध पुस्तकें

विश्व शांति की प्रसिद्ध पुस्तकें

Famous Books on World Peace


प्रसिद्ध लेखक राजकुमार चन्दन द्वारा विश्व शांति पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी गईं हैं, उनकी एक बानगी...

पुस्तकें पढ़ने के लिए उनके नामों पर क्लिक करें











दुनिया की सबसे कम समय में लिखी गई पुस्तक



• विश्व की  सबसे कम समय में लिखी गई पुस्तक

• लेखक राजकुमार चन्दन

• पुस्तक ‘मनुष्य जीवन और कुंभ’ का तत्काल लेखन व प्रकाशन

• 22 घंटे 44 मिनट में पुस्तक का तत्काल विषय पर लेखन, प्रकाशन, विमोचन व वितरण

• 20 अप्रैल 2016, इंदौर म.प्र.

• यूनिक वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज


सार्वजनिक मंच पर तत्काल लिखी गई पुस्तक

श्री राजकुमार चन्दन द्वारा रचित ‘मनुष्य जीवन और कुंभ’ विश्व की सबसे कम समय में तैयार होने वाली पुस्तक है। इस पुस्तक का लेखन और प्रकाशन लिखने से लेकर बिकने तक की समूहगत यात्रा मात्र 22 घंटे 44 मिनट की है। वह भी तत्काल विषय पर भीड़ भरे सार्वजनिक स्थल पर लेखक ने इस पुस्तक का लेखन किया। 

म.प्र. इंदौर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह में 19-20 अप्रैल 2016 को यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बना था, जिसमें कई विशिष्ट साहित्यकार, पत्रकार एवं विभूतियाँ उपस्थित रही थी। रिकॉर्ड बुक के नियमानुसार लेखक को उसी दिन के प्रमुख समाचार पत्र के मुखपत्र की प्रमुख खबर की हेडिंग पर पुस्तक लिखना था। अतः उस दिन प्रमुख 27 समाचार पत्र बुलाये गए, किन्तु इनके मुखपृष्ठ पर अलग-अलग समाचार थे। इसीलिए रिकाॅर्ड बुक ने उपस्थित पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाकर विषय चुनकर घोषणा करने का निर्देश दिया। उस दिन के समाचार पत्रों के मुखपृष्ठ पर सर्वाधिक खबर कुम्भ की थी। अतः समिति ने लेखक को “मनुष्य जीवन और कुंभ” विषय प्रदान करने की घोषणा की। सम्पूर्ण कार्य 22 घंटे 44 मिनट में सम्पन्न हुआ। इस बीच पुस्तक के चित्र भी तैयार हुए।

लेखक के साथ प्रकाशन हेतु पाँच कम्प्यूटर्स की टीम थी। जैसे ही एक पेज का लेखन होता, वह कम्प्यूटर पर तत्काल टाइप होकर दूसरे कम्प्यूटर से प्रूफ रीडिंग, तीसरे पर सेटिंग, चौथे पर फायनल डिज़ाइन और पाँचवें कम्प्यूटर से पेज प्रेस में भेज दिया जाता। प्रेस में लगभग 12 कारीगरों की टीम प्रिंट के लिए तैयार थी। आठ पेज जैसे ही तैयार होते प्लेट बनती और प्रिंट होती जाती थी। लेखक ने इस पुस्तक को मात्र रिकॉर्ड की दृष्टि से नहीं लिखा है, अपितु मनुष्य जाति और कुम्भ की महत्ता को हर दृष्टिकोण से सिद्ध भी किया है। यह कुंभ विषय पर धार्मिक, वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक विश्लेषण की महत्वपूर्ण कृति है। इस पुस्तक में मनुष्य के लिए तीर्थ और कुम्भ की महत्ता, समुद्रमंथन का रहस्य तथा काल योग का महत्व दर्शाया गया है। यह एक समूहगत रिकॉर्ड था, जिसमें लगभग 36 विशिष्ट एक्सपर्ट‌्स की भागीदारी थी। विशिष्टजनों में लेखक, टाइपराइटर, सम्पादक, प्रूफ रीडर, डिज़ाइनर, चित्रकार, ऑपरेटर, प्रिंटर, बाइंडर, सहयोगी के साथ ही पत्रकार एवं दर्शक भी सम्मिलित थे।