Vishv Ki Sabse Lambi Gazal
विश्व की सबसे लम्बी ग़ज़ल
प्रकाशित भाग : तीन
दस हजार अश्आर (शेरों) की विश्व की सबसे लम्बी ग़ज़ल
(वर्ल्ड रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स)
ग़ज़ल की विशेषता :- बहर - बेहरे मुतदकरीब। काफ़िया अलीफ़
कुल ग़ज़ल 1, कुल अश्आर 10000, कुल मतले 300, कुल मक्ते 400, कुल मिसरे 20000, कुल नुक़्ते 60000, लफ्ज 12000 और यदि पुस्तक के रूप में प्रकाशित की जाए तो लगभग 10 पुस्तकें। बहर और रदीफ-काफिये पर कई शाइरों ने ग़ज़लें लिखी हैं जैसे मिर्ज़ा ग़ालिब, मीर अनीस, दाग़ देहलवी, मोमिन और कई अन्य। यह बहर और रदीफ-काफिया उर्दू शायरी में बहुत प्रसिद्ध है। इस पर मिर्ज़ा ग़ालिब की प्रसिद्ध ग़ज़ल है-दिले नादां तुझे हुआ क्या है। और भी कई शायरों ने इसका उपयोग करके सुंदर और भावपूर्ण ग़ज़लें लिखी हैं।



