श्री राजकुमार चन्दन की उपलब्धियां
कलागुरु राजकुमार चन्दन की उपलब्धियां
Achievements of Art Teacher Rajkumar Chandan
श्री राजकुमार चन्दन बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उच्चकोटि के लेखक/कवि एवं चित्रकार हैं। साहित्य के क्षेत्र में लगभग 45 वर्षों से साधनारत हैं। गद्य एवं पद्य सहित साहित्य की अनेक विधाओं में सृर्जन करते हैं। आपका सम्पूर्ण साहित्य कला-कर्म वैश्विक कल्याण की मानवीय सेवा को समर्पित रहा है इसी प्रकार कला में चित्रकला की मूर्त एवं अमूर्त विधाओं के उत्कृष्ट कलाकार हैं। आपको 2005 में महामहिम डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया गया। साहित्य एवं कला दोनों क्षेत्र में मिलकर आपने पाँच विश्वरिकार्ड के कीर्तिमान अर्जित किये हैं। देश में वाटर रंगोली कला के अनूठे विशिष्ठ भी कलाकार हैं। साहित्य में दो तथा कला में तीन ऐसे कुल पांच वर्ल्ड रिकार्ड आपके नाम हैं।
साहित्य के क्षेत्र में
उत्कृष्ट कोटि के लेखक,कवि, गीतकार एवं शाइर हैं। साहित्य में गद्य एवं पद्य की अनेक विधाओं में सृजन कर विशिष्ठ उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। आपका बुनियादी लेखन दर्शन,विज्ञान,एवं यथार्थ का मिश्रीत रूप है लेखन जनहित में मानवतावादी शांत एवं वैश्विक सद्भाव को समर्पित रहा है। जो वर्तमान जीवन के लिए सर्वाधिक उपयोगी है। आपने वसुधैव कुटुम्बकम एवं विश्व शान्ति हेतु सतत साहित्य सृजन किया। गद्य एवं पद्य दोनों ही विधाओं में कीर्तिमान अर्जित किये हैं। गद्य विधा में ( सन 2016 ) सबसे कम समय में त्वरित विषय पर सार्वजनिक रूप से तत्काल पुस्तक लिखकर प्रकाशित करने का कीर्तिमान अर्जित किया है। जिसे यूनिक वर्ल्ड रिकार्ड बुक ने वर्ल्ड रिकार्ड के रूप में दर्ज किया है। इस पुस्तक में धर्म,आध्यात्म के रूप से जीवन को शांतिप्रिय एवं सार्थक बनाने का उत्कृष्ट साहित्य लिखा गया है। पद्य विधा में लँगल सांग (लांगेस्ट ग़ज़ल) जिसने शायरी की दुनिया में एक नया इतिहास रचा है। ग़ज़ल उर्दू का एक लोकप्रिय छन्द है। के जिसे लिम्का बुक ने वर्ल्ड रिकार्ड रूप में सन 1997 में दर्ज़ किया गया । यह सम्पूर्ण ग़ज़ल(लँगल सांग) के कपलेटस विश्व कल्याण तथा मानवता के हित में महत्वपूर्ण हैं। अनेक पत्र ,पत्रिकाओं एवं पुस्तकों का सम्पादन भी किया। आपके द्वारा लिखी गयी 25 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं हैं। अन्तर्राष्ट्रीय विषय पर विश्व कल्याण का बुनियादी लेखन करते हैं। पाठ्य पुस्तकों में लेखन,टेलीफिल्म,टीवी सीरियल तथा फिल्मों की स्क्रिप्ट राइटिंग का कार्य भी आप करते रहे हैं। विशिष्ट पत्र,पत्रिकाओं में सतत् प्रकाशन। राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर काव्यपाठ,साहित्य संस्थाओं के रूप में साहित्य सेवा का अनेक वर्षों तक कार्य किया है। राष्ट्रभाषा के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलननों में भागीदारी सम्मिलित है। वसुधैव कुटुम्बकम एवं विश्व शान्ति हेतु सतत साहित्य सृजन किया। लेखन में सदैव आपने मानव संस्कृति-सभ्यता की उत्कृष्ट ,संतुलित जीवन शैली को सतत रूप से विश्व पटल पर रखने का प्रयास किया है। वैश्विक परिवार को बढ़ाने, अन्धविश्वास को दूर करने, सामाजिक चेतना का विकास करने तथा नव पीढ़ी का सृजनात्मक मार्ग प्रशस्त करने का कला एवं सहित्य में विशेष योगदान रहा है। आपका लेखन निर्धन एवं कमजोर वर्ग के पक्ष में हमेशा खड़ा रहा है। विश्व शान्ति के लिए आपकी महत्वपूर्ण पुस्तक -"मैं समय हूँ" एवं स्वर्ग की खोज है, वर्तमान परिपेक्ष्य में सर्वाधिक महत्व रखती हैं। साथ ही "विश्व की सबसे लम्बी ग़ज़ल" एवं "लाडो! बहक न जाना" "वन्दे मातरम", "सीप के मोती"आदि आपकी महत्वपूर्ण पुस्तके हैं।
कला के क्षेत्र में
कला के क्षेत्र में आप कलागुरु के नाम से पहचाने जाते हैं। चित्रकला एवं मूर्तिकला में में सिद्धहस्थ कलाकार हैं। मूर्त एवं अमूर्त दोनों विधाओं में आपका समान रूप से अधिकार है। आपने अनेक पोर्ट्रेट एवं मूर्तियों का निर्माण किया है। शिल्पकला में भी आप सिद्धहस्त हैं। कागज की मूर्तियों की प्रतिकृति एवं काष्ठकला में अनूठी कृतियों का निर्माण करते हैं। पुरातन भारतीय लोककला जलरंगोली को पुनर्जीवित कर उसे विस्तारित करना कलाजगत में आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कई प्रदर्शनियाँ एवं पुरस्कार आप अर्जित कर चुके हैं। कला के क्षेत्र में भी आपने तीन विश्व रिकार्ड अर्जित किये हैं। कई विशिष्ट शहरों में आपकी कला का प्रदर्शन हो चुका है। कला समीक्षक, कला विशेषज्ञ के रूप में आपका विशिष्ट स्थान है । कला की दो पुस्तकों का प्रकाशन तथा निःशुल्क कला शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आपके चित्रों द्वारा चैरिटी आर्ट गैलरी के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों की फीस भरी गयी है।
जल रंगोली के विशिष्ट कलाकार
वाटर रंगोली कला के देश में आप अनूठे कलाकार हैं। महाभारतकालीन जलरंगोली कला,जो लगभग विलुप्त हो चुकी थी। उसे पुनर्जीवित करने का आपने संकल्प लिया। अनेक वर्षों के अथक प्रयास, प्रयोग एवं शोध से वृहद जलरंगोली की आपने नवीन तकनीक विकसित की। साथ ही जलरंगोली को देश भर में विस्तारित भी किया। जल रंगोली के सैकड़ों कलाकार बनाना, पूरे देश में उसका विस्तार करना, इसके साथ ही प्रदर्शन / प्रशिक्षण सहित वाटर रंगोली में तीन विश्व रिकार्ड भी अर्जित किये हैं।आधुनिक वाटर रंगोली को पुनर्जीवित करने का श्रेय आपको जाता है।
मेघावी,अशक्त एवं निर्धन विज्ञार्थियों को समर्पित कला
आपने अपने चित्रों को मेघावी,अशक्त एवं निर्धन विद्यार्थियों के लिए समर्पित किया है। आप पात्र विद्यार्थियों की फीस अपने चित्रों को बैंचकर क्रयदाता से राशि सीधे विद्यार्थी की संस्था में जमा कराते हैं। विगत 15 वर्षों में आप लगभग डेढ़ हजार विद्यार्थियों की फीस जमा कर चुके हैं। इसमें हाई स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा के विद्यार्थी भी सम्मिलित हैं।




